चम्पारण के साथ बिहार के कई जिलों में अगले 72 घंटे तक रेड अलर्ट, भारी बारिश के कारण बिगाड़ सकती है नदियों की रूपरेखा

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पटना: पिछले कई घंटों से हई लगातार बारिश के कारण बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। बिहार में भारी बारिश और वज्रपात के बाद उत्तर बिहार के अन्य हिस्सों में भी हालात के देखते हुए सरकार की ओर से सभी को चौकस रहने का निर्देश दिया है.

भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 72 घंटे में लगभग राज्य की सभी प्रमुख नदियां राइजिंग ट्रेंड में रहेंगी। यानि नदियों का जल स्तर और बढ़ सकता है। नदियों क से जुड़े क्षेत्र में बिहार और नेपाल साइड में बारिश होने की संभावना बताई गई है। आपको बता दे कि बिहार में बाढ़ आने का सबसे बड़ा कारण है नेपाल के पहाड़ी इलाकों मे भारी बारिश का होना, जब नेपाल के पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होती है तो उधर का पानी ढ़लते हुए बिहारी की सीमावर्ती इलाके को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। यहां कि नदियां भी उफान पर होती है ऐसे में पानी के दबाव के कारण नदियों की दिशा बदलने की आशंका बनी रहती है। हर साल लगभग यही स्थिति होती है बाढ़ के कारण हजारो लोगो को अपना घर छोड़ना पढ़ता है और कई लोगो की अपनी जान भी गवानी है।

इसे ध्यान में रखते हुए बिहार के करीब 8 जिलों को अलर्ट कर दिया गया है इन जिलों में- सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज एवं पूर्वी चम्पारण के कुल 31 प्रखंडों की 153 पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं कई लोगो का घर पानी में बह गया है और लोग सड़क पर टेन्ट लगाकर रहने को मजबूर है। बाढ़ के कारण पश्चिमि चम्पारण के नौतन विधानसभी के शिवराजपुर गांव के सैकड़ों लोग बेघर हो चुके है।

भारतीय मौसम विभाग के 72 घंटे का जो पूर्वानुमान है, जिससे सभी जिलों के लोगों को आगाह किया जा रहा है ताकि निचले स्थान में रहने वाले लोग ऊँचे स्थानों पर शिफ्ट हो जाएं।

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