सरकार ने दिए जांच के आदेश 10 हजार से ज्यादा सैलरी पाने वालों के रद्द होंगे राशन कार्ड,

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देश के सभी राज्यों में गरीब लोगों को कम कीमतों पर राशन मुहैया कराया जाता है लेकिन इसके लिए राशन कार्ड होना अनिवार्य होता है. लेकिन बीते लंबे समय से लाखों अपात्र लोग फर्जी तरीके से बनाए गए राशन कार्ड (Ration Card) के जरिए सरकारी की राशन योजना का गलत फायदा उठा रहे हैं. ऐसे अपात्र लोगों का राशन रोकने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत उन सभी लोगों के राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे, जो इसके लिए पात्र नहीं हैं. इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और उत्तराखंड की राज्य सरकारों ने अपने-अपने प्रदेश में राशन कार्ड की जांच के आदेश दिए हैं. राज्य सरकारों ने उन सभी राशन कार्डों की जांच कर रद्द करने के आदेश दिए हैं, जो राशन योजना के लिए पात्र नहीं हैं.

बिहार में 31 मई तक चलेगा जांच अभियान

फर्जी राशन कार्ड को लेकर बिहार सरकार ने अपात्र लोगों के फर्जी राशन कार्डों की जांच के आदेश दिए हैं. सरकार के निर्देश में कहा गया है कि राज्य में उन सभी लोगों के राशन कार्ड की जांच की जाएगी, जो राशन योजना के लिए पात्र नहीं है. जांच में अपात्र पाए जाने के बाद उन सभी लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करते हुए राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे. जनसत्ता की एक रिपोर्ट के अनुसार बिहार सरकार के खाद्य सचिव ने बताया कि पूरे प्रदेश में गलत तरीके से बनाए गए राशन कार्डो के लिए जांच अभियान चलाया जा रहा है, जो 31 मई 2022 तक जारी रहेगा. इसके लिए बिहार के सभी डीएम को निर्देश भी दे दिए गए हैं.

बिहार के किन-किन लोगों पर गिरेगी गाज

रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन लोगों के पास चार पहिया वाहन है, एसी लगा हुआ है, लाइसेंसी हथियार है, जो सरकारी नौकरी करते हैं, जिनके घर में कोई टैक्स पेयर है, जिनके पास ढ़ाई एकड़ से ज्यादा जमीन है और जिनकी सैलरी 10 हजार रुपये या उससे ज्यादा है, ऐसे सभी लोगों के राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे. सरकार ने कहा है कि जो लोग सरकारी विभागों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं और अपात्र हैं, उनके राशन कार्ड भी रद्द किए जाएंगे.

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