रक्सौल से प्रमोद सिन्हा का टिकट लगभग तय, बीजेपी और जेडीयू से नाराज़ नेता कर सकते है बग़ावत

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पूर्वी चंपारण:-बिहार की सियासत में गर्माहट बहुत तेज हो चुकी है, विधानसभा सीटों को लेकर बीजेपी और जदयू में बंटवारा भी हो चुका है लेकिन दोनों ही पार्टी के बहुत सारे कार्यकर्ता इस प्रकार से टिकट बंटवारे को लेकर नाराज़ है और अपनी ही पार्टी का विरोध शुरू कर दिया है।

सूत्र बता रहे है कि रातों रात बीजेपी में शामिल हुए जेडीयू के पुर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद सिन्हा का रक्सौल विधानसभा से टिकट कंफर्म हो गया है। लेकिन उनका इतिहास क्या कहता है ये जान लीजिए।
प्रमोद सिन्हा ढाका विधानसभा से जेडीयू के टिकट पर ही दो बार हार चुके है। लेकिन इस बार रक्सौल विधानसभा से टिकट मिला है। गौरतलब है कि रक्सौल से मौजूद विधायक अजय सिंह को टिकट नहीं मिल रहा है, पिछले 4 बार से लगातार विधायक है। जेडीयू के नेता प्रमोद सिन्हा को जल्दी बाजी में बीजेपी की सदस्यता दी गई और लगभग रक्सौल विधानसभा से टिकट तय माना जा रहा है। लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि जब जेडीयू के नेता को ही टिकट देना था तो बीजेपी में शामिल कर के क्यों दिया गया, क्या रक्सौल विधानसभा में जेडीयू के नाम पर वोट नहीं मिलेगा?

एक दिन पहले तक ख़बर आ रही थी कि रक्सौल विधानसभा जेडीयू के खाते में जाएगा और पूर्वी चम्पारण जदयू जिला अध्यक्ष भुवन पटेल को टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन टिकट बीजेपी के खाते में ही गया। लेकिन बीजेपी से मौजूद विधायक अजय सिंह को ही नहीं मिला, ऐसे में अजय सिंह पार्टी से नाराज दिख रहे है। और सूत्रों से पता चला है कि अजय सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है, इधर भुवन पटेल भी पार्टी से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके और कहा है कि “अगर जनता का सपोर्ट मिलता है तो मैं निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।”

अब देखने वाली बात है कि रक्सौल विधानसभा से कितने उम्मीदवार अपनी दावेदारी करते है और जनता किसका साथ देती है।

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