India Pakistan War Taliban : भारतीय सेना की वीरगाथा गा रहा तालिबान, फोटो शेयर कर पाकिस्तानी फौज को याद दिलाया 71 का सरेंडर, दी धमकी

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TTP Attacks in Pakistan : आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तानी सेना के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि टीटीपी आतंकियों को अफगानिस्तान में शरण मिल रही है। इतना ही नहीं पाकिस्तानी मंत्री ने अफगानिस्तान में घुसकर उनका सफाया करने की धमकी भी दी है।

India Pakistan War Taliban : भारतीय सेना की वीरगाथा गा रहा तालिबान, फोटो शेयर कर पाकिस्तानी फौज को याद दिलाया 71 का सरेंडर, दी धमकी

नई दिल्ली : पाकिस्तान और तालिबान के बीच अब दोस्ताना संबंध नहीं है। जुबानी जंग अब धमकियों में बदल चुकी है। पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान के आतंकी हमले पहले से तेज हो चुके हैं। शहबाज सरकार का आरोप है कि अफगानिस्तान टीटीपी आतंकवादियों को शरण दे रहा है। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में घुसकर टीटीपी का सफाया करने की भी बात कही है। इस ‘धमकी भरे बयान’ ने तालिबान को नाराज कर दिया है। जवाब में तालिबान के एक सदस्य ने पाकिस्तान को 1971 के युद्ध की याद दिलाई जिसमें पाकिस्तानी सेना को भारत के आगे सरेंडर करना पड़ा था।

दरअसल अहमद यासिर नाम के अफगान तालिबान के एक सदस्य ने 1971 के युद्ध की वह मशहूर तस्वीर शेयर की जिसमें पाकिस्तानी सेना के अधिकारी भारत के आगे आत्मसमर्पण के दस्तावेज साइन करते नजर आ रहे हैं। फोटो शेयर करते हुए यासिर ने पश्तो भाषा में लिखा, ‘पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री… हम पर सैन्य हमले की बात न सोचें, नहीं तो भारत के साथ सैन्य समझौते जैसी शर्मनाक स्थिति दोबारा पैदा हो जाएगी।’

तालिबान और पाकिस्तान में जुबानी जंग
पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने एक पाकिस्तानी चैनल के साथ इंटरव्यू में कहा था कि ‘अगर काबुल ने उन्हें (टीटीपी आतंकियों) खत्म करने के लिए कार्रवाई नहीं की तो इस्लामाबाद अफगानिस्तान में टीटीपी को निशाना बना सकता है।’ तालिबान ने सोमवार को पाकिस्तानी मंत्री का कड़ा विरोध किया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच ‘अच्छे संबंधों’ को नुकसान पहुंच सकता है। तालिबान ने कहा कि टीटीपी को पाकिस्तान में शरण मिली हुई है।

ऐतिहासिक तस्वीर की कहानी
1971 की इस मशहूर तस्वीर का इतिहास भी बेहद दिलचस्प है। पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों ने 16 दिसंबर 1971 को भारत के बहादुर सैनिकों के आगे घुटने टेक दिए थे। ऐतिहासिक तस्वीर में सिख अफसर भारतीय सेना के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (पूर्वी कमान) लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा और पाकिस्तानी फौज के पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी नजर आ रहे हैं। जनरल नियाजी को पाकिस्तानी सेना के आत्मसमर्पण दस्तावेजों पर साइन करते दिखाई दे रहे हैं। 1971 जंग जीतकर भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए और इस तरह बांग्लादेश नामक देश अस्तित्व में आया जो इससे पहले ‘पूर्वी पाकिस्तान’ था।

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