मुजफ्फरपुर शाही लीची की बादशाहत के पीछे किसानों को होता है भारी नुकसान

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मुजफ्फरपुर:- गर्मियों का मौसम हो तो लीची का स्वाद कौन नहीं लेना चाहता है और अगर वो लीची मुज़फ़्फ़रपुर की शाही लीची हो तो क्या कहना। लेकिन मीठे स्वाद और रस से भरी लीची को आप तक पहुंचाने में कितनी मेहनत करनी पड़ती है, इसे आप मुजफ्फरपुर के बाग और इसके किसानों से मिलकर समझ सकते हैं। लीची के इस व्यापार में किसानों को भारी नुकसान भी हो जाता है। क्योंकि वे पूरे साल बाग को अपने पसीने से सींचते हैं। फसल तैयार होने पर अगर एक सप्ताह के अंदर न बिके तो सबकुछ बर्बाद। इस समय कुछ ऐसी ही स्थिति है। अभी प्रतिदिन करीब 400 से 500 टन लीची निकल रही है। इसे बाजार तक पहुंचाने में किसानों को पैकेजिंग से लेकर परिवहन तक की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। किसानों के हिस्से कड़वाहट ही है।

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