पूरा बिहार कोरोना से कराह रहा है और सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए अदला-बदली खेल रही है…

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बिहार में हर दिन के साथ कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रहा है। इसको लेकर विपक्ष भी सरकार पर लगातार हमलावर है। इस बीच नीतीश सरकार ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को बदल दिया है। सरकार के बेहद खास माने जाने वाले अधिकारी प्रत्यय अमृत को स्वास्थ्य विभाग का प्रधान सचिव बनाये जाने की खबर है। आपको बता दे कि अभी तक आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है।

दरअसल दो दिन पहले हुई कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के मौजूदा प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत की लापरवाही का मामला उठा था। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शिकायत की थी कि प्रधान सचिव उनकी ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के निर्देश को भी नहीं मान रहे हैं। स्वास्थ्य सचिव लगातार कोरोना से जुड़े मामलों में फैसले लेन में देर कर रहे हैं जिससे स्थिति खऱाब होती जा रही है।

हालांकि सरकार ये दिखावा अपनी नाकामी को छिपाने के लिए कर रही है। सरकार ने इससे पहले कोरोना के विस्फोट के दौरान ही स्वास्थ्य विभाग के सुपर एक्टिव प्रधान सचिव संजय कुमार को हटा दिया था। संजय कुमार पर कोई आरोप नहीं था और उनके काम की चारो ओर से तारीफ हो रही थी। लेकिन सरकार को उनका काम पसंद नहीं आया और कोरोना से जंग के बीच में ही उनके पदभार से बिना कुछ कहे हटा दिया गया था। इसके बाद से बिहार में कोरोना को लेकर हालात बिगड़ते चले गए। अब फिर से विभाग में बदलाव कर नीतीश सरकार के खास माने जाने वाले प्रत्यय अमृत को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन सोचने वाली बात ये है कि प्रत्यय अमृत के पास पहले से ही ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पवार होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष के पद जैसे दो भार होते हुए भी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में जब कोरोना से बिहार में लोगो का हाल बेहाल है और स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है तो इन पस्थितियों में प्रत्यय अमृत के लिए एक साथ तीन विभाग को संभलना कितना आसान होगा?

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